आत्मविश्वास
एक कहावत है की अगर आपमें आत्मविश्वास है तो किसी भी काम को करने से पहले ही 50% तो वही आपकी जीत हो जाती है और अगर आत्मविश्वास की कमी है तो आधी लड़ाई तो हम बिना लडे ही हार जाते है. रोजमरा की जिन्दगी में हमे ऐसी बाते कई बार सुनने को मिलती है की सफलता या कुछ पाने के लिए आत्म विश्वास यानि self confidence का होना बहुत जरुरी है. ऐसी बाते हमे motivate भी करती है और फिर हम अपने अन्दर के self confidence को बढ़ाने के लिए तरह तरह के तरीके अपनाते है या तरीके ढूंढते है. लेकिन क्या ऐसा कर पाने में सफल होते है ??.. शायद बहुत से लोग हो जाते है और उतने ही लोग नहीं हो पाते. असल में बहुत से लोग self confidence का ठीक मतलब ही नहीं जान पाते. आत्मविश्वास का मतलब अपने ऊपर विश्वास से बिलकुल भी नहीं है. अपने ऊपर ज्यादा विश्वास भी एक तरह का अन्धविश्वास है क्योकि कोई भी इंसान हर जगह सही नहीं हो सकता.. और जब वह ऐसा सोचता है की वो हर मामले में सही है तो वे कुछ नया सिखने से कतराते है और अपनी गलतियों को दोहराते है. आत्मविश्वास का अर्थ अपने ऊपर विश्वास से नहीं बल्कि अपनी काबिलियत के ऊपर विश्वास से है. जब इंसान को यह लगने लगे की वह किसी काम को सिर्फ कर ही नहीं सकता बल्कि दिक्कत पड़ने पर डटा रह सकता है तो वही उसके आत्म विश्वास की सही निशानी हो जो उसे किसी भी कठिनाई में झुकाती नहीं है.
HOW TO INCREASE SELF CONFIDENCE IN HINDI –
- To change your lifestyle – अपनी जीवनशेली को बदलना:
जीवनशेली यानी रोजमरा की जिन्दगी को जीने का तरीका हमारी सोच, हमारा behavior और हमारी पहचान तय करता है. Lifestyle में mentally और physically healthy रहने के सभी तरीके शामिल है जैसे एक्सरसाइज, योगा, टाइम पर काम करना, अच्छा खानपान आदि. इससे हमारा mind fresh रहता है, डर दूर होता, consciousness develop होती है और नय नय विचार आते है. यह सभी चीजे छुपी हुई काबिलियत को बाहर निकालने के लिए जरुरी है. जब यह काबिलियत व्यवहार में दिखती है तो self confidence और self esteem हमारी personality का पार्ट बन जाती है.
" Eat good, look good and feel good "
- सकरात्मक और आशावादी दृष्टिकोण का होना:
इंसान की सोच एक ऐसी चीज है जो उसे डूबा भी सकती है और उसकी डूबती नाव को पार भी लगा सकती है. आज जितने भी बड़े उधोगपति और साइंटिस्ट है उनके पास एक नई सकरात्मक सोच के आलावा कुछ नहीं था. इसलिए किसी भी काम को शुरू करने से पहले न शब्द से कभी शुरुआत नहीं करे. problem के बारे में ज्यादा सोचने की बजाय solution के बारे में ज्यादा सोचे. जैसे अगर कोइ परेशानी सामने आती है तो ज्यादा सोचने की बजाय की ऐसा क्यों हुआ, यह सोचे की कैसे इसे सही किया जा सकता है. अगर मन में विचार आये की मै यह नहीं कर सकता तो इसका ठोस जवाब ढूंढे की मै यह क्यों नहीं कर सकता. मेरे अन्दर किस बात की कमी है. इससे आप हर स्थिति में confident feel करेंगे.
" A negative thinker sees a difficulty in every opportunity and a positive thinker sees an opportunity in every difficulty "
- अपने गुणों और ताकत के बारे में पता लगाये :
हर व्यक्ति के अन्दर कोई न कोई ऐसी खास बात जरुर होती है जो उसे दुसरो से अलग करती है. जिस बन्दे को उसकी काबिलियत का पता चल जाये उसे बड़ी से बड़ी मुसीबत भी नहीं रोक सकती. और जिस इंसान को इसका न पता चले, ऐसे में या तो वो भटकता रहता है या दुसरो की नक़ल करता है या उनके जैसे बनने या करने की कोशिश करता है बैगेर ये जाने की क्या वो यह काम कर सकता है, क्या उसे भी इस काम को करने में उतना ही अच्छा लग रहा है जितना दुसरो को अच्छा लग रहा है या क्या वो इस काम को करके सफल हो पायेगा. ऐसे लोगो में आत्म विश्वास की काफी कमी होती है इसलिए वे अपनी मंजिल का सही चुनाव नहीं कर पाते और समय बीतने के बाद पछताते है की काश ऐसा नहीं किया होता.
" We all have qualities and abilities; the difference is how we use it. "
- गलतियाँ करने से मत डरिये:
क्या आप ऐसे किसी व्यक्ति को जानते हो जिसने कभी गलती ना की हो? नहीं जानते होंगे , क्योंकि गलतियाँ करना मनुष्य का स्वभाव है , और मैं कहूँगा कि जन्मसिद्ध अधिकार भी । आप अपने इस अधिकार का प्रयोग करिए। गलती करना गलत नहीं है, उसे दोहराना गलत है । जब तक आप एक ही गलती बार -बार नहीं दोहराते तब तक दरअसल आप गलती करते ही नहीं आप तो एक प्रयास करते हैं और इससे होने वाले experience से कुछ ना कुछ सीखते हैं ।
दोस्तों कई बार हमारे अन्दर वो सब कुछ होता है जो हमें किसी काम को करने के लिए होना चाहिए , पर फिर भी failure के डर से हम confidently उस काम को नहीं कर पाते । आप गलतियों के डर से डरिये मत, डरना तो उन्हें चाहिए जिनमे इस भय के कारण प्रयास करने की भी हिम्मत ना हो !! आप जितने भी सफल लोगों का इतिहास उठा कर देख लीजिये उनकी सफलता की चका-चौंध में बहुत सारी असफलताएं भी छुपी होंगी ।
" मैं अपनी जिंदगी में बार-बार असफल हुआ हूँ और इसीलिए मैं सफल होता हूँ ।
आप कुछ करने से हिचकिचाइए मत चाहे वो खड़े हो कर कोई सवाल करना हो , या फिर कई लोगों के सामने अपनी बात रखनी हो , आपकी जरा सी हिम्मत आपके आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ा सकती है । सचमुच डर के आगे जीत है!
- अपने अन्दर की नकारात्मकता को खत्म करना:
नकरात्मक सोच जैसे दुसरो से जलन, अपने अन्दर और दुसरो के अन्दर खामियां निकालना, असंतुष्ट और दुखी रहना, काम को करने से पहले ही डर जाना या हार मान लेना, हर चीज में बुराइयों को ज्यादा देखना कुछ ऐसे रोड़े है जो हमारे self confidence को बुरी तरह से गिराते है. ऐसे लोगो को न अपने ऊपर विश्वास होता है और न दुसरो के ऊपर. ऐसे में मन में doubts हमेशा बने रहते है. जहाँ संदेह और नकारात्मकता रहती है वहां किसी भी तरह का विश्वास और सक्रात्मकता नही होती. इसलिए बुराइयों को नज़रन्दाज करे और अच्छाइयों पर ज्यादा focus करे.
- डर से मुक्ति पाए:
हमारे self confidence को एक और चीज से नुकसान पहुचता है वह है हमारे अन्दर का छुपा हुआ डर. डर किसी भी चीज या सिचुएशन से हो सकता है जैसे किसी को exams का डर होता है तो किसी को सबके सामने बोलने का डर. डर को दूर भागने का सबसे आसान तरीका है की डर का सामने करना. यहाँ सामना करने से मतलब अपने डर के एकदम सामने खड़े हो जाने से नहीं है. सबसे पहले तो यह जानना जरुरी है की डर एक कल्पना है जो हमारे दिमाग में बैठी होती है. इसलिए डर से मुक्ति पाने के लिए इसे अपने दिमाग से डिलीट करना बहुत जरुरी है और इसके लिए उस सिचुएशन में जाना जरुरी है जहाँ ये डर बना था. इसके लिए जरुरी है मेंटली prepare होना और उस काम को कई बार दोहराना जरुरी है. परिस्थितयों का सामना करे और असफल होने से बिलकुल न डरे. यह आपके self confidence को एक नई दिशा देगा.
इसके आलावा कई लोग किसी खास appearance में या खास कपड़ो में खुद को confident feel करते है. इसलिए आप अपने पहनावे और look पर भी ध्यान दे सकते है लेकिन यह सब temporary है यानी सिर्फ कुछ समय के लिए.
- जो चीज आपका आत्मविश्वास घटाती हो उसे बार-बार कीजिये:
कुछ लोग किसी ख़ास वजह से confident नहीं feel करते हैं । जैसे कि कुछ लोगों में stage-fear होता है तो कोई opposite sex के सामने nervous हो जाता है । यदि आप भी ऐसे किसी challenge को face कर रहे हैं तो इसे beat करिए । और beat करने का सबसे अच्छा तरीका है कि जो activity आपको nervous करती है उसे इतनी बार कीजिये कि वो आपकी ताकत बन जाये । यकीन जानिए आपके इस प्रयास को भले ही शुरू में कुछ लोग lightly लें और शायद मज़ाक भी उडाएं पर जब आप लगातार अपने efforts में लगे रहेंगे तो वही लोग एक दिन आपके लिए खड़े होकर ताली बजायेंगे ।
गाँधी जी की कही एक line मुझे हमेशा से बहुत प्रेरित करती रही है “पहले वो आप पर ध्यान नहीं देंगे, फिर वो आप पर हँसेंगे, फिर वो आप से लड़ेंगे, और तब आप जीत जायेंगे।” तो आप भी उन्हें ignore करने दीजिये , हंसने दीजिये , लड़ने दीजिये, पर अंत में आप जीत जाइये । क्योंकि आप जीतने के लिए ही यहाँ हैं , हारने के लिए नहीं ।
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